आखिर चिराग पासवान देर से क्यों बोले ! राहुल गांधी की तारीफ की




नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी नेता (एलजेपी) चिराग पासवान आखिर बहुत देर से क्यों बोले हैं क्या कारण इस राजनीति हलचल का है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ कर एकबार फिर से बिहार में राजनीतिक हलचल को हवा दे दी है। पासवान के इस बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। पासवान ने बुधवार को राहुल की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उनके अंदर सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने किसानों और बेरोजगारी के मुद्दे को बढ़िया से उठाया है।
पासवान ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी लंबे समय बाद जीती है। अगर आप किसी की आलोचना करते हैं तो आपको उनके अच्छे प्रदर्शन पर उनकी तारीफ भी करनी चाहिए।’ चिराग पासवान ने कहा, ‘राहुल गांधी ने मुद्दो को सही ढंग से उठाया। जिस तरह उन्होंने बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को जनता के सामने उठाया, वह अच्छा था। जबकि धर्म और मंदिर की बात करते रहे। मैं सरकार से निवेदन करता हूं कि हम लोगों को फिर से अपना फोकस पूरी तरह विकास पर करना चाहिए।’ बता दें कि इससे पहले चिराग पासवान राज्य में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई भी फैसला न होने पर नाराजगी जताई थी। चिराग पासवान के इन ट्वीट से पता चलता है कि राज्य में गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। आरएलएसपी का एनडीए से नाता तोड़ने के बाद चिराग के इस बयान के भी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
चिराग ने मंगलवार को ट्वीट में लिखा था, ‘टीडीपी और आरएलएसपी के एनडीए गठबंधन से जाने के बाद यह गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है। ऐसे समय में बीजेपी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मानपूर्वक तरीके से दूर करें।’ इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए चिराग ने नुकसान के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था, ‘गठबंधन की सीटों को लेकर बीजेपी के नेताओं से मुलाकात हुई लेकिन अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है। इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुकसान भी हो सकता है।’
गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव बिहार में बीजेपी, एलजेपी और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी मिलकर चुनाव लड़े थे। एलजेपी कुल सात सीटों पर चुनाव लड़ी थी और छह पर उसे जीत मिली थी। वहीं आरएलएसपी तीन पर चुनाव लड़ी थी और सभी सीटें जीतने में कामयाब रही थी। इस बार सीटों के बंटवारे पर नाराज चल रहे उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए का साथ छोड़ दिया है। अब एलजेपी भी अगर एनडीए का साथ छोड़ती है तो बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।




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