कैप्टन अमरिंदर सिंह का दावा, बोले- बठिंडा और फिरोजपुर में करेंगे बादलों का सफाया




पंजाब में बढ़ते चुनावी पारे के बीच शिरोमणि अकाली दल के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनीं बठिंडा और फिरोजपुर सीटों को लेकर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह काफी आश्वस्त हैं। उनका दावा है कि दोनों ही हलकों में इस बार लोग बादलों का सफाया कर देंगे। अमर उजाला से विशेष बातचीत में कैप्टन ने दोनों हाई प्रोफाइल सीटों से कांग्रेस द्वारा कमजोर उम्मीदवार उतारने के आरोपों को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि कहा कि शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, दोनों की स्थिति खराब है। हरसिमरत प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट का हिस्सा होने के बावजूद पंजाब के लिए कुछ नहीं कर सकीं। उधर, कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वडिंग युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। सच यह है कि अब पंजाब में बादलों का कोई गढ़ नहीं बचा। यही हाल सुखबीर का है।

उन्होंने कहा कि लोग अभी तक नहीं भूले हैं कि बादलों ने दस साल के शासन के दौरान क्या किया। किस तरह पंजाब में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की। लोग बरगाड़ी समेत बेअदबी की तमाम घटनाओं, कोटकपूरा और बहिबल कलां में फायरिंग को नहीं भूले हैं। इसलिए अकालियों का 2017 के विधानसभा चुनाव जैसा हाल होगा।

कैप्टन को लगता है कि गुरदासपुर में भाजपा का सेलेब्रिटी कार्ड नहीं चलेगा। कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ दो साल से वहां काम कर रहे हैं और ग्रासरूट लेवल पर लोगों से जुड़े हैं। सीएम ने कहा कि भाजपा उम्मीदवार सनी देओल को तो बालाकोट के बारे में ही नहीं पता, जिस पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ रही है। वे तो चुनाव के बाद मुंबई चले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस का मुकाबला सीधे तौर पर अकाली-भाजपा से ही होगा क्योंकि आप अपनी ताकत खो चुकी है। सुखपाल खैरा जैसे छिटपुट गुटों को कोई वोट नहीं देगा। कैप्टन ने साफ किया कि चुनाव खत्म होते ही आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को बेअदबी से जुड़े मामलों की जांच कर रही एसआईटी में दोबारा लाया जाएगा। वे जांच पूरी करेंगे। हर दोषी को सजा दिलाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस केंद्र में सरकार बनाती है तो पंजाब के किसानों की समस्या हल करना उनकी प्राथमिकता होगी। युवाओं को रोजगार दिलाने में वह केंद्र सरकार की मदद लेंगे। कैप्टन ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने लोगों का मूड बदला है। दस वर्षों से वे असुरक्षित थे, अपने बच्चों के भविष्य के प्रति नाउम्मीद थे। कांग्रेस अर्थव्यवस्था और उद्योग को पटरी पर लाने में कामयाब रही है। निवेश हो रहा है, किसानों को उम्मीद जगी है। बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित किया गया है।




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