सियासत : मोदी नीच वाले बयान पर फिर मचा बवाल, अय्यर ने कहा- उल्लू हूं लेकिन..




नई दिल्ली। सीनियर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए अपने ‘नीच’ बयान को लेकर चर्चाओं में हैं। अय्यर ने साल 2017 में पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘नीच किस्म का आदमी’ कह दिया था.।अब अय्यर ने उस बयान को सही ठहराते हुए एक लेख लिख डाला है। इस लेख पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए शिमला में उन्होंने खुद को ‘उल्लू’ भी बता दिया है।

क्या बोले अय्यर?
साल 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अय्यर के इस बयान पर बवाल खड़ा हो गया था और उन्हें इसके लिए माफ़ी भी मांगनी पड़ी थी. अब अय्यर ने उस बयां को सही ठहराते हुए एक लेख लिखा है. शिमला में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों को ये आर्टिकल पढ़ना चाहिए. मीडिया सिर्फ एक लाइन लेकर उसके पीछे पड़ी हुई है.

अय्यर ने आगे कहा- मैं उल्लू हूं लेकिन इतना बड़ा उल्लू नहीं हूं कि आप (मीडिया) आज मुझे बर्बाद करके कल कहीं और चले जाएं.’ उन्होंने कहा कि शुक्र है कि दस दिन में ही ये दौर ख़त्म हो जाएगा. मुझे जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है, इस बारे में कांग्रेस की तरफ से बयान जारी कर दिया गया है.

बीजेपी ने साधा निशाना
अय्यर बयान पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है. पात्रा ने कहा- ‘2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘प्यार की राजनीति’ में गांधी परिवार के और एक ‘मणि’ ने मोदी जी पर दिए गए अपने पूर्व के ‘नीच बयान’ को सही ठहराते हुए कुछ और योगदान किया है.’ उधर जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा है कि मणिशंकर अय्यर ने 2014 में चायवाला बयान दिया था तो मोदी प्रधानमंत्री बन गए थे, अब 2019 में ‘नीच’ वाला बयान दिया है तो फिर से पीएम बन जाएंगे.

लेख में क्या है?
लेख में अय्यर ने मोदी के विवादित बयानों और उनकी शैक्षिक योग्यता पर सवाल उठाए हैं. अय्यर ने कहा है कि मोदी लगातार अज्ञानतापूर्ण दावे करते हैं जिससे देश का मजाक बनता है. लेख में अय्यर ने भगवान गणेश की ‘प्‍लास्टिक सर्जरी’, उड़नखटोलों को प्राचीन विमान और बालाकोट हमले के समय बादलों की आड़ का फायदा मिला है जैसे बयानों का ज़िक्र किया है.

2017 में क्या कहा था
बता दें कि दिसंबर 2017 में मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘मुझको लगता है कि यह बहुत नीच किस्म का आदमी है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है और ऐसे मौके पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है?’ इसके बाद अय्यर की खासी आलोचना हुई थी.




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