ग्राउंड रिपोर्ट घोसी: जाति के सहारे सिकंदर बनने की होड़




घोसी संसदीय सीट पर भाजपा मौजूदा सांसद हरिनारायण राजभर के जरिए 2014 का प्रदर्शन दोहराना चाहती है। उनका मुकाबला बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय से है। कांग्रेस के बाल कृष्ण चौहान लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। भाजपा को अपने काडर वोट के साथ मोदी मैजिक पर भरोसा है, तो गठबंधन प्रत्याशी को सपा-बसपा के परंपरागत मतों के साथ ही मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण पर विश्वास है।

संसदीय क्षेत्र के दो लाख राजभर मतदाताओं के सहारे सुभासपा के महेंद्र राजभर वोट कटवा की भूमिका निभा सकते हैं। वैसे भाजपा की ओर से हरिनारायण अपनी बिरादरी में अकेले हैं, जिन्हें सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से बात बिगड़ने के बाद अंतिम दौर में टिकट दिया गया। वहीं, भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान वामपंथी जमीन को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। विकास का मुद्दा और कहीं भी हो, इस संसदीय क्षेत्र में जातिवाद और राष्ट्रवाद के अलावा कोई मुद्दा नहीं है।

1999 के पूर्व के चुनावों में यहां विकास प्रमुख मुद्दा होता था। विकास कार्यों के दम पर ही कांग्रेस के कल्पनाथ राय यहां से लगातार चार बार जीते थे। 2019 में विकास परिदृश्य से गायब है। कांझा निवासी अविनाश राय कहते हैं कि बीते चुनाव में इस उम्मीद से वोट किया गया था कि विकास होगा, लेकिन नतीजा सिफर रहा। मुहम्मदाबाद गोहना के शाह आलम कुरैशी कहते हैं कि जब संसाधनों की कमी थी, उस दौर में भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात बताई। आज राष्ट्रवाद थोपा जा रहा है। वहीं, टीपक्काबाद गांव के विरेंद्र तिवारी की राय है कि ध्यान भटकाया जा रहा है। भारत में जो भी विकास हुआ, वह पूर्व की सरकारों की ही देन है।

भाजपा के लिए मोदी और राष्ट्रवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार सांसद ने चुनाव में किए वादे पूरे नहीं किए। लोग नाराज हैं। हालांकि सांसद का दावा है कि क्षेत्र में काफी काम कराया गया है। लोग नाराज नहीं हैं। लोग पीएम मोदी व राष्ट्रवाद के लिए भाजपा को जिताएंगे। वहीं, भाकपा के अतुल अंजान का कहना है कि उन्होंने सांसद रहे बिना जिले में विकास कार्य कराया है। उन्होंने टड़ियावां में 100 बेड का अस्पताल, तीन-तीन नगर पंचायत का वादा किया है।

विपक्ष के भाषणों में कल्पनाथ का जिक्र
बसपा प्रत्याशी अतुल राय वादा करते हैं कि वे कल्पनाथ राय द्वारा छोड़े गए अधूरे विकास कार्य को पूरा करेंगे। साथ ही क्षेत्र की समस्या को सदन में उठाकर उसका निराकरण कराएगे। वहीं, बालकृष्ण भी कल्पनाथ राय का जिक्र करना नहीं भूलते। कहते हैं- बंद मिलों को चलाने, ओवर ब्रिज, बुनकरों के लिए विपणन केंद्र पर जोर दूंगा।

स्टिंग ऑपरेशन बनाम दुष्कर्म का मुकदमा
चुनाव से ठीक पहले एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में काम कराने के लिए पैसे मांगने के कारण राजभर का नाम सुर्खियों में रहा था। दूसरी ओर, अतुल राय पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिल पाई है।

2014 का परिणाम
प्रत्याशी                                  दल           वोट
हरिनारायण राजभर                भाजपा     3,79,797
दारा सिंह चौहान                     बसपा     2,33,782
मुख्तार अंसारी                       कौएद      1,66,369
राजीव राय                              सपा       1,65,887

जातीय गणित      
दलित       4.30 लाख
मुस्लिम     3.32  लाख
चौहान      2.72  लाख
राजभर     2.03 लाख
यादव      1.62  लाख
क्षत्रिय     1.15  लाख




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