केडी हॉस्पीटल में काफी कम खर्चे पर बदलवाएं गोल्ड प्लेटेड घुटने-डा. रामकिशोर अग्रवाल




  • केडी हास्पीटलः गोल्ड प्लेटेड घुटना मधु का साथ देगा 35 साल तक
  • मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में गोल्ड प्लेटेड घुटने के डलने के दूसरे दिन ही मधुवाला खंडेलवाल न केवल पैरों पर खडी हुईं अपितु वे चलने भी लगीं
  • राम निवास खंडेलवाल बोले-उनकी पत्नी मधुवाला खंडेलवाल ज्यादा वजन के चलते थीं परेशान, मात्र दो लाख रुपये में 35 साल तक अब घुटने रहेंगे दर्दमुक्त

मथुरा। मल्टी स्पेशिएलिटी केडी हास्पीटल ने एक बार फिर से नया कीर्तिमान स्थापित किया है। केडी हास्पीटल में डा. अमन गोयल ने गोल्ड प्लेटेड नी यानी कि टाइटेनियम नाइओवियम नाइट्राइट से बने कृत्रिम घुटने को 50 वर्षीय मधुवाला खंडेलवाल के प्राकृतिक घुटने से बदल दिया है। अब उनको तकरीबन 85 साल की उम्र तक इस नए कृत्रिम घुटने की वजह से कोई परेशानी होने की संभावना न के बराबर है। जबकि सामान्य कृत्रिम घुटने लगवाने पर वह 70 से 75 साल की उम्र तक ही साथ दे पाता। गोल्ड प्लेटेड घुटने के डलने के दूसरे दिन ही मधुवाला खंडेलवाल न केवल पैरों पर खडी हो गईं अपितु वे चलने फिरने में भी सक्षम हो गईं हैं।
श्रीकृष्ण जन्म स्थान के निकट स्थित लक्ष्मीनगर निवासी राम निवास खंडेलवाल ने बताया कि उनकी पत्नी मधुवाला खंडेलवाल मात्र 50 साल की उम्र में ही 85 किग्रा वजन के चलते परेशान थीं। चलने फिरने में भी लाचार हो गईं थीं। घुटना में खासा दर्द रहने के चलने वे कहीं भी आने जाने को तरस जाती थीं। ऐसे हालात कई साल से बने हुए थे। बीते सप्ताह केडी हास्पीटल की ओपीडी में डा. अमन गोयल को दिखाया। उन्होंने कृत्रिम घुटने डलवाने की सलाह दी। राम निवास खंडेलवाल ने बताया कि उन्होंने दिल्ली, फरीदाबाद और आगरा तक कृत्रिम घुटना बदलवाने को प्रयास किया। हर जब सामान्य कृत्रिम दोनों घुटने बदलने में साढे चार से पांच लाख रुपये खर्च होना बताया। इसकी व्यवस्था वह नहीं कर पा रहे थे। केडी हास्पीटल में सामान्य कृत्रिम घुटने बदलने के लिए पौने दो लाख रुपये बताये गए। लेकिन चिकित्सक डा. अमन गोयल के परामर्श पर 25 हजार रुपये और ज्यादा खर्च कर कुल दो लाख रुपये में गोल्ड कोटेड घुटना डलवाया है। इस गोल्ड कोटेड घुटने की उम्र सामान्य कृत्रिम घुटने से दस-बारह साल ज्यादा होती है। इससे अब उनकी पत्नी को तकरीबन 90-95 साल की उम्र तक घुटने की परेशानी होने की कोई आशंका नहीं है। डा. अमन गोयल ने बताया कि उनके साथ ऑपरेशन में डा. बीपीएस भदौरिया, डा, आनंद, डा. निजामन के अलाव सहायक के रुप में पवन और घनश्याम मौजूद रहे।

दोबारा ऑपरेशन से बचाने को डाली गोल्ड प्लेटेड नी-डा. अमन गोयल
मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की ओपीडी में मौजूद डा. अमन गोयल ने बताया कि मरीज मधुवाला खंडेलवाल की उम्र काफी कम होने के चलते सामान्य धातु से बने कृत्रिम घुटने की तकरीबन 25 वर्ष होने से भविष्य में परेशानी से गुजरना पड सकता था। इसी से बचाने के लिए दस-बारह अधिक उम्र वाले गोल्ड प्लेटेड नी यानी कि टाइटेनियम नाइओवियम नाइट्राइट से बने कृत्रिम घुटने डलवाने की सलाह दी। जो कि राम निवास खंडेलवाल ने मान ली। अब मरीज को 35 साल तक घुटने संबंधी परेशानी से निजात मिलना लगभग सुनिश्चित है। उन्होंने दावा किया कि आस-पास गोल्ड प्लेटेड नी का ट्रांसप्लांट नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पहली बार ये कर दिखाया है।

काफी कम खर्चे पर बदलवाएं गोल्ड प्लेटेड घुटने-डा. रामकिशोर अग्रवाल
मथुरा। आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में एक हीं कैम्पस और छत के नीचे हर रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद हैं। इससे किसी भी मरीज के मामले में दूसरे रोगों के बारे में रेफरेंस मांगने पर चिकित्सक तुरंत उपलब्ध हो सकता है। इससे मरीज को तुरंत दूसरे रोग का इलाज शुरु कराया जा सकता है। मरीज को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती है। ऐसे मामले में डा. अमन गोयल ने गोल्ड प्लेटेड नी का ट्रांसलांट कर दिखाया है। जो न केवल किफायती रहा अपितु आधुनिक तकनीक का उपयोग करके किया गया है।




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