योगी सरकार फिर भी खाकी पर दाग, इन पांच मामलों में पुलिस की हुई किरकिरी, जानिए




नई दिल्ली। नोएडा सेक्टर 44 के पुलिस चौकी इंचार्ज व तीन सिपहियों समेत 15 लोगों को झूठे रेप केस में फंसाकर राहगीरों से पैसे लूटने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद यूपी की मित्र पुलिस के दामन पर एक और दाग लगा है। दरअसल, खाकी पर दाग लगने की परंपरा कोई नई नहीं है. समय-समय पर महकमे में तैनात कर्मियों ने अपने कारनामों से वर्दी दागदार की है. सूबे में योगी सरकार आने के बाद भी यह सिलसिला बदस्तूर जारी है. 2018-19 में ही कई ऐसे मामले आए जब पुलिस को शर्मसार होना पड़ा।

13 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ डकैती और गोली मारने के आरोप में केस दर्ज

अप्रैल 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने 13 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ डकैती और गोली मारने के आरोप में केस दर्ज किया. यूपी पुलिस ने ये कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की. जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, उनमें SWAT टीम के मुखिया और थानाध्यक्ष भी शामिल हैं. दरअसल, इन 13 पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि इन लोगों ने फर्रुखाबाद जिले के एक घर में गोलीबारी की और फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया, जिसमें एक लड़के के पैर में गोली लगी. ये घटना 21 फरवरी की है, जिसके बाद परिवार वालों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के आदेश पर यूपी पुलिस को अपने ही अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करना पड़ा.

कोर्ट के आदेश पर 5 दरोगा समेत 13 पुलिसकर्मियों पर डकैती का मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में कोर्ट के आदेश पर पांच दरोगा समेत 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज किया है. बुलंदशहर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट के आदेश पर इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 395 के तहत केस दर्ज किया गया है.

आगरा सर्राफा कारोबारी से 3.5 लाख की लूट
राजधानी लखनऊ के पुलिसकर्मियों की करतूत से खाकी का दामन दागदार कर दिया हैं. मड़ियांव थाने की पुलिस पर आगरा से परिवार संग लखनऊ आए सर्राफा कारोबारी विशाल जैन से 3.5 लाख रुपए लूटने का आरोप लगा है. दरअसल वाहन चेकिंग के दौरान चांदी और नकदी मिलने के बाद उन्हें थाने लाया गया और डरा-धमकाकर साढ़े तीन लाख रुपए वसूल कर छोड़ दिया. मामले में जांच के बाद दोषी पाए जाने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफ़ताब आलम को लाइन हाजिर कर दिया गया।

सहारनपुर में 8.43 लाख की लूट का आरोप
14 मई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के उमाही गांव में सोमवार तड़के हुई 8.43 लाख की लूट आगरा जीआरपी कंट्रोल रूम के प्रभारी ललित त्यागी ने की थी. सहारनपुर एसटीएफ ने उसे राजामंडी स्टेशन से गिरफ्तार किया. लूट में शामिल जीआरपी के दो सिपाही, दो अन्य युवक और एक कार चालक फरार हैं.

बिजनौर के थाना कोतवाली निवासी मोहम्मद अख्तर पुत्र मोहम्मद अब्दुल गफूर गेहूं व्यापारी हैं. वह किसानों से गेहूं करके मंडी में बेचते हैं. कारोबार के सिलसिले में वह सहारनपुर के उमाही गांव थाना नागल में किराए का कमरा लेकर रहते हैं. 13 मई को सुबह करीब ढाई से तीन बजे के बीच वह अपने कमरे पर सो रहे थे. तभी कार सवार तीन वर्दीधारी समेत छल लोग वह पहुंचे. उन्होंने मारपीट करके व्यापारी से आठ लाख 43 हजार रुपये लूट लिए. थाना पुलिस और एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की तो उन्हें सुराग मिला कि लूट जीआरपी आगरा कंट्रोल रूम प्रभारी ललित त्यागी ने वारदात को अंजाम दिया. लूट में उसके साथ सिपाही रिंकू और सिपाही शायर बेग शामिल था. सहारनपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपित इंस्पेक्टर के पास से लूट की 4.94 लाख बरामद हुए हैं.

कोयला कारोबारी से 1.85 करोड़ की डकैती
करीब तीन माह पहले लखनऊ में गोसाईंगंज के ओमेक्स अपार्टमेंट में कोयला कारोबारी के घर 1.85 करोड़ की डकैती में पुलिस ने दो दरोगा, सिपाही और वकील समेत सात लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है.
प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार सिंह ने बताया कि कालाधन पकड़ने के बहाने 9 मार्च को अंकित अग्रहरि के फ्लैट पर डकैती डाली गई थी. एसएसपी कलानिधि नैथानी ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को इस मामले की विभागीय जांच सौंपी थी. जांच में वकील मधुकर मिश्रा, राधाकृष्ण उपाध्याय, उपनिरीक्षक आशीष तिवारी, पवन मिश्रा, बर्खास्त आरक्षी प्रदीप सिंह भदौरिया, उसके निजी वाहन चालक आनंद यादव और यशराज तिवारी के खिलाफ सुबूत मिले हैं. इसके अलावा बाराबंकी में रहने वाले मधुकर के मौसा अनिल कुमार पाठक, मौसी शोभा पाठक, उनकी बेटी मानसी उर्फ सलोनी और प्रदीप की पत्नी बीना सिंह पर डकैती की रकम एवं राज छिपाने का आरोप है.




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