मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की वाड्रा से पूछताछ जारी, 12 को जयपुर में पेश

नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से आज फिर प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ कर रहा है। रॉबर्ट वाड्रा को सुबह 10.30 बजे ईडी के दफ्तर पहुंचना था, लेकिन वह 11.25 बजे ईडी दफ्तर पहुंचे। खबरों के मुताबिक ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा को जयपुर में पेश होने को कहा है। वाड्रा का ईडी के जयपुर दफ्तर में 12 फरवरी को पेश होना होगा। इससे पहले कल ईडी के सात अफसरों ने वाड्रा से 6 घंटे तक पूछताछ की थी। आज भी पूछताछ लंबी चल सकती है। बुधवार दोपहर 3 बजकर 40 मिनट से रात के 9 बजकर 40 मिनट तक करीब 6 घंटे रॉबर्ट वाड्रा प्रवर्तन निदेशालय के सवालों के जवाब लिखते रहे। लंदन के बैंस्ट्रस्टन स्क्वायर में खरीदी गई 19 लाख पाउंड यानि 17 करोड़ की प्रॉपर्टी ने वाड्रा को मनी लांड्रिंग के आरोपों में फंसा दिया है।
बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय से 7 अफसरों ने वाड्रा से इस संबंध में तरह तरह के सवाल किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी की सात सदस्यीय टीम ने वाड्रा से पूछताछ की। टीम में ईडी के जॉइंट डायरेक्टर, डेप्युटी डायरेक्टर और 5 अन्य अधिकारी शामिल थे। रॉबर्ट वाड्रा को हर सवाल का जवाब अपनी राइटिंग में लिखकर देना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा से करीब 40 सवाल पूछे गए।
हालांकि बंद कमरे में वाड्रा से क्या क्या पूछा गया इसके बारे में सारी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स, चर्चा और सूत्रों के हवाले से ही आ रही है। पुख्ता तौर पर बंद कमरे में क्या हुआ ये कहना मुश्किल है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर तक रॉबर्ट वाड्रा अपनी पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ पहुंचे। प्रियंका रॉबर्ट को ईडी ऑफिस में ड्रॉप करके सीधे कांग्रेस कार्यालय पहुंची और बतौर महासचिव उन्होने बाकायदा आज कार्यभार संभाल लिया। रॉबर्ट वाड्रा जिस मामले में फंसे हैं वो मनी लांड्रिंग से जुड़ा है।
आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान रक्षा सौदे और पेट्रोलियम सौदे की दलाली से लंदन में 4 संपत्तियां खरीदी गईं। ये चारों संपत्तियां सिनटैक नाम की कंपनी ने खरीदीं जिसे इस डील्स में कमीशन मिला था। सिनटैक ने ये 17 करोड़ की प्रॉपर्टी उसी कीमत पर भगोड़े हथियार कारोबारी संजय भंडारी की कंपनी वोटैक्स को बेच दीं। संजय भंडारी ने इस प्रॉपर्टी पर करीब 61 लाख रुपए का रिनोवेशन कराया। रिनोवेशन के खर्च के बावजूद 17 करोड़ में ही इस प्रॉपर्टी को दुबई के एनआरआई सी सी थंपी को बेची। सीसी थंपी ने प्रॉपर्टी स्काईलाइट एफजेडई के नाम पर खरीदी है। ईडी का आरोप है कि स्काईलाइट एफजेडई रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी है।
सीसी थंपी पर एक हजार करोड़ के फेमा कानून को तोड़ने का आरोप है। थंपी कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा का करीबी है। इस डील में मनोज अरोड़ा एक मुख्य किरदार है जो रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी में काम करता है।इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा पटियाला हाउस कोर्ट से अग्रिम जमानत ले चुके हैं। मनोज अरोड़ा भी अग्रिम जमानत पर हैं। बीजेपी सरकार पर केन्द्रीय एजेसिंयों के राजनीतिक इस्तेमाल के आरोप लगातार लग रहे हैं। सीबीआई वर्सेज ममता का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है और ईडी प्रियंका गांधी के पति को लेकर एक्टिव हो गया है। जांच किस नतीजे पर पहुंचेगी ये तो नहीं कहा जा सकता। इतना जरूर है करप्शन, पूछताछ और छापेमारी की खबरें चुनाव तक मीडिया की सुर्खियां जरूर बनती रहेंगी।

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