पाकिस्तान बर्बादी’ की कगार पर, इमरान को मजबूरन लेना पड़ा ये फैसला




नई दिल्ली। भारत से हालिया समय में बढ़ते तनाव के चलते पाकिस्तान की आर्थिक हालात काफी खराब हैं। पाकिस्तान के हालात इतने खराब हो गए जिसके कारण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बड़े आर्थिक फैसले लेने के लिए मजबूर हो गए हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुआई वाली सरकार ने सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) और स्टील मिल्स सहित 48 कंपनियों को बेचने का ऐलान किया है। हालांकि सरकार इसे निजीकरण की प्रक्रिया बता रही है।
निजीकरण पर सैय्यद मुस्तफा महमूद की अध्यक्षता में बनाई गई नेशनल असेंबली स्थायी समिति की एक बैठक में यह फैसला लिया गया। निजीकरण सचिव रिजवान मलिक ने बैठक में पाकिस्तान सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के 5 वर्ष के लिए निजीकरण कार्यक्रम पेश किया। सचिव ने बैठक में बताया कि डेढ़ साल के भीतर 7 कंपनियों की बिक्री होगी। 40 हजार करोड़ के घाटे में है पाकिस्तान एयरलाइंस कंपनी पीआईए और स्टील मिल्स का घाटा 60 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच चुका है। पीआईए के 40 हजार करोड़ रुपए के घाटे को देखते हुए इस राष्ट्रीय विमान सेवा को कोई खरीदना पसंद नहीं करेगा।
आतंक की फैक्ट्री पाकिस्तान अपने ही लोगों के साथ धोखा कर रहा है। देश की कमाई को आतंकवादियों पर लगा रही है जिससे चलते आम लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। वहीं आर्थिक कंगाली के चलते उधार में मिल रहे तेल का पैसा चुकाने के लिए पाकिस्तान को पेट्रोल डीजल और मिट्टी के तेल के रेट बढ़ाना पड़ा है। इसके असर से पाकिस्तानी जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है।




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