भारत के दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, करेगा आतंकी….




नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान पर अंतराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है. आंतकियों को पनाह और आतंकवाद को अपनी जमीं पर फलने-फूलने देने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ दुनिया के कई देश एक साथ एकजुट हो रहे हैं. अमेरिका, यूके और फ्रांस ने भारत के पक्ष में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सगरना मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए प्रस्ताव भी पेश कर दिया है. इसके बाद पाकिस्तान का कहना है कि वह जैश समेत सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है. इसके लिए पाकिस्तान ने नेशनल एक्शन प्लान (NAP) तैयार किया है.
इसके तहत रविवार को ही पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकियों की मदद करने के आरोप में करीब 53 संगठनों पर रोक लगाई गई है. यह कार्रवाई विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस एलान के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने अपनी जमीन का किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं होने की बात कही थी. उन्होंने यह भी दावा किया था कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को सरकार ने कब्जे में ले लिया है.
रविवार को पाकिस्तानी अखबार ‘Dawn’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि इमरान खान की सरकार ने जैश समेत सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की नीति अपना ली है. हालांकि, रिपोर्ट में ये साफ नहीं किया गया कि आतंकियों के खिलाफ इस्लामाबाद सरकार क्या कार्रवाई करने जा रहा है.
एक अफसर के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान ने शायद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सरगना को लिस्टेड करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करने का फैसला लिया है. अब सरकार को यह सोचना है कि एक शख्स ज्यादा अहम है या फिर देश के बड़े राष्ट्रीय हित.
जैश सरगना मसूद अजहर की कथित मौत की खबरों को इसी प्लान का हिस्सा माना जा रहा है. मसूद अजहर की मौत की झूठी खबर फैलाकर पाकिस्तान एक साथ कई निशाने साधने की कोशिश कर सकता है. दरअसल, जैश-ए-मुहम्मद को पहले ही पाकिस्तान ने प्रतिबंधित सूची में डाल रखा है. मसूद अजहर की मौत की खबर के बाद उस पर कार्रवाई का दबाव भी पाकिस्तान से हट जाएगा.




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