यह महिला कर चुकी है 2000 लीटर ब्रेस्ट मिल्क डोनेट

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नई दिल्ली। अपने खून से ज़िंदगियां बचाने वाले (ब्लड डोनर) तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन क्या आप किसी ब्रेस्ट मिल्क डोनर के बारे में जानते हैं जो अपने दूध से हजारों नन्हों को ज़िंदगी दे रही है. अमेरिका के बीवरटन की 29 साल की एलिजाबेथ एंडरसन पिछले कई सालों से इस नेक काम को कर रहीं है।
इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान होता है. लेकिन कुछ परेशानियों के चलते कुछ बच्चे इस अमृत से अछूते रह जाते हैं, जिससे बच्चे की ग्रोथ प्रभावित होती है. एलिजाबेथ ऐसे ही बच्चों को अपना दूध उपलब्ध करवाती हैं. अब तक वे 78 हज़ार औंस (लगभग दो हज़ार लीटर) दूध डोनेट कर चुकी हैं.

क्यों बनता है एलिज़ाबेथ के शरीर में इतना दूध
एलिजाबेथ बताती हैं कि हाइपरलेटेक्शन सिंड्रोम की वजह से उनके शरीर में ज्यादा दूध बनता है. जब उन्होंने पहली बेटी को जन्म दिया तो उन्हें इसका पता चला. तब वे ज्यादा दूध को फेंक दिया करती थीं. फिर एक दिन जब उन्होंने इस बात पर गौर किया कि दुनिया के कितने बच्चे ऐसे हैं जो इससे महरूम हैं. इसके बाद दूसरी बेटी के होने के एक हफ्ते बाद ही उन्होंने अपना दूध दान करना शुरू कर दिया.
अब वे फेसबुक, एनजीओ और कई मदर्स स्पेशल ग्रुप के जरिए बहुत से नन्हों की जरूरत पूरा कर रही हैं. एलिजाबेथ कहती हैं कि वे हर रोज़ 225 औंस ( छह लीटर) पम्प करती हैं. इसके चलते कई बार उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पम्पिंग एक कृत्रिम तरीका है. मशीन से उनके ब्रेस्ट में स्वेलिंग भी आ जाती है और असहनीय दर्द की अनुभूति होती है. इसके अलावा अपनी रुटीन पंपिंग के चलते वे कहीं बाहर नहीं जा पातीं. बावजूद इसके वे इसे अपना सौभाग्य समझती हैं.एलिजाबेथ ने ब्रेस्ट मिल्क के लिए एक डीप फ्रीजर का बंदोबस्त भी किया है. जिसमें वे ब्रेस्टमिल्क लंबे  समय तक के लिए स्टोर करके रखती हैं.

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