पीएचडी में एडमिशन पाने के लिए, किया कुछ ऐसा….

अलीगढ में पीएचडी एडमिशन के लिए वीसी ऑफिस के बाहर बैठे छात्रों ने आज पकौड़ा बना कर बेचे। पिछले कई दिनों से धरना दे रहे छात्रों ने कहा कि जब हमारे भविष्य के लिए कुछ नहीं है तो हम प्रधानमंत्री पकोड़ा योजना के अंतर्गत आज पकौड़ा बेच रहे हैं।

रमजान का महीना है और हम यहां एडमिशन की मांग करने के लिए 24 दिन से धरने पर बैठे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है की पकौड़ा बेचना भी एक रोजगार है इसलिए हम ये रोजगार कर रहे हैं। हम इसे 120 रुपए किलो बेच रहे हैं।

दरअसल, एएमयू के मास्टर डिग्री पास कर चुके छात्रों को पीएचडी में एडमिशन न मिलने के कारण वे कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। सड़क पर पकौड़ा बना कर बेच रहे ये लड़के-लड़कियां एएमयू से मास्टर की डिग्री लिए हुए हैं।

आज ये पकौड़ा बेचने को क्यों मजबूर हैं। दरअसल, ये छात्र छात्राएं एएमयू से इस वर्ष मास्टर डिग्री पास किए हुए हैं। इन्होंने जब पीएचडी में एडमिशन के लिए आवेदन किया तो इन्हें वहां एडमिशन नहीं मिला। इनका आरोप है की एएमयू प्रशासन ने नियमानुसार एडमिशन ना कर अपने परिचितों को पीएचडी में एडमिशन दे दिए हैं।

ऐसे छात्र-छात्राओं की संख्या करीब 40 है जिनको एडमिशन नहीं मिला। ये लोग पिछले 24 दिनों से वीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। कोई हल ना निकलता देख इन्होंने प्रधानमंत्री के पकौड़ा बेचने वाले काम को शुरू किया और कहा की हमारे प्रधानमंत्री का कहना है की पकौड़ा बेचना भी एक काम है इसलिए हम ये काम कर रहे हैं। छात्रों ने पकौड़े की कीमत 120 रुपए प्रति किलो रखी है।

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