खुलासा: सरकारी स्कूलों में दबाए गए छात्राओं से छेड़छाड़ के 300 मामले

नई दिल्ली। जिस शिक्षक को आप सम्मान और भगवान की नजर से देखते हैं, क्या आप सोच सकते हैं कि वही आपकी बच्चियों पर बुरी नजर रखता है. नहीं सोच सकते हैं तो आज हम आपको बताते हैं कि सरकारी स्कूलों में कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनकी करतूत से गुरु की छवि धूमिल हो रही है.
सरकारी स्कूलों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ से लेकर यौन शोषण तक की ऐसी सैकड़ों घटनाएं हैं, जो दबा दी गई हैं. इस बात की तस्दीक खुद हिमाचल प्रदेश का शिक्षा विभाग कर रहा है.
इससे एक बात तो तय है कि सरकारी स्कूलों में मासूम छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे ही करीब 300 मामले दबा दिए गए हैं. हैरानी इस बात की भी है कि 8 मामले ऐसे हैं, जिन पर चार्जशीट भी तैयार की गई थी, लेकिन वो भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई. 5 मामले प्राइमरी स्कूल और 3 मामले हाई स्कूल से जुड़े हैं. हाल ही में शिमला में सामने आए मामले के बाद इसका खुलासा हुआ है.
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने ऐसे मामलों को लेकर समीक्षा करने के आदेश दिए थे. इस खुलासे के बाद शिक्षा मंत्री खासे तल्ख नजर आ रहे हैं.
शिक्षा मंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और उच्चतर शिक्षा निदेशक को सभी मामलों की फिर से समीक्षा करने के आदेश दिए हैं. साथ ही कहा है कि जिन मामलों को दबाने में शिक्षकों या अधिकारियों की मिलीभगत पाई जाएगी, उन पर भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
‘पूर्व सरकार में हल्की-फुल्की कार्रवाई’
शिक्षा मंत्री का आरोप है कि पूर्व सरकार के समय में सामने आए मामलों में हल्की-फुल्की कार्रवाई कर मामले को दबा दिया. शिक्षा मंत्री कह तो रहे हैं कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और शिक्षा विभाग से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. लेकिन उस मानसिकता में कब बदलाव आएगा जो बच्चियों को नोचने के लिए नजर गड़ाई बैठी है.
26 अप्रैल को शिमला में नया मामला
बता दें कि 26 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश की राजधानी में एक सरकारी स्कूल में पचास साल के पीटीआई ने मासूमों से छेड़छाड़ की थी. आरोपी के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था. फिलहाल आरोपी जेल में है. उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है.
ऐसा नहीं कि आरोपी पर पहली बार आरोप लगे थे. इससे पहले भी उसने बच्चियों से छेड़छाड़ की थी, लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया गया था. वहीं, ऊना में एक स्कूल में छात्रों ने शिक्षक पर छेड़छाड़ के आरोप जड़े थे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*