मोदी सरकार का एक बार फिर मुस्लिमों के लिए बड़ा धमाका, ला रही है सबसे खतरनाक कानून




नागरिकता संसोधन बिल को लेकर लगता है एक बार फिर से देश में बबाल होने वाला है। नागरिकता संसोधन बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। नागरिकता संशोधन बीते बिल को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी थी, जिसके जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता दी जा सकेगी।

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा के सांसदों से कहा कि यह विधेयक शीर्ष प्राथमिकता है और उतना ही अहम है, जितना जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के लिए अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर लाया गया प्रस्ताव था। इस बिल के तहत छह समुदायों हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध तथा पारसी लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। बिल के जरिए मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा, ताकि चुनिंदा वर्गों के गैरकानूनी प्रवासियों को छूट प्रदान की जा सके।

मुस्लिमों पर पहले भी मेहरबान हुए थे पीएम मोदी, योजनाओं की लगाई थी झड़ी

बेशक पीएम नरेन्द्र मोदी और मुस्लिमों को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं. विपक्ष भी मुस्लिमों को लेकर पीएम मोदी पर कटाक्ष करता रहता है. लेकिन मोदी सरकार की ओर से देश के अल्पसंख्यकों के लिए तोहफों की बारिश जारी है. केन्द्र में सरकार बनते ही पीएम मोदी ने अल्पसंख्यकों के लिए 5 करोड़ छात्रवृत्ति की घोषणा की थी.

वहीं इसके बाद मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत योजनाओं की झड़ी लगा दी है. खास बात ये है कि अल्पसंख्यकों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी योजनाओं की देखरेख कर रहा है.

ये योजनाओं के यह तोहफे देशभर के अल्पसंख्यक बाहुल उन इलाकों के लिए होंगे जिन्हें केन्द्र सरकार द्वारा चिन्हित किया गया है. आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्तर पर इन इलाकों का चयन किया गया है. देशभर में ऐसे इलाकों की संख्या 13 सौ है. अल्पसंख्यक मंत्रालय की देखरेख में सभी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यकों को दिया जाएगा.

मौलाना आज़ाद एजुकेशनल फाउंडेशन के वाइस प्रेसीडेंट अशफाक सैफी ने बताया, “पीएमजेवीके के तहत योजनाओं का संचालन राज्य सरकार के साथ मिलकर किया जाता है. इस एक योजना में अल्पसंख्यकों को एक साथ कई तरह के लाभ दिए जाते हैं. इस योजना में शिक्षा, मेडिकल, हैल्थ और आवास जैसी जरूरतों पर काम होता है.”

अशफाक सैफी ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया, “शिक्षा के क्षेत्र में 5 पॉलिटेक्निक, 71 आईटीआई, 506 हॉस्टल, 20228 एक्सट्रा क्लास रूम, 25 डिग्री कॉलेज और 1152 स्कूल बिल्डिंग बनाने पर ज़ोर रहेगा. वहीं हैल्थ से संबंधित 821 परियोजनाओं, 5090 आंगनबाड़ी केन्द्र भी अल्पसंख्यक बाहुल क्षेत्रों में खोले जाएंगे. इसके साथ ही चिन्हित किए गए 13 सौ अल्पसंख्यक क्षेत्रों में 11676 पक्के मकान बनाए जाएंगे. वहीं किसान और कलाकारों के लिए 530 मार्केट शेड भी बनाए जाएंगे.”




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