हिंदुस्तान के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर रच डाला इतिहास, तैयार किया यह खतरनाक हथियार




डीआरडीओ ने सोमवार को ब्रह्मोस के जमीन से जमीन पर वार करने वाले संस्करण पर सफल परीक्षण किया. इसका नया संस्करण प्रोपल्शन सिस्टम एयरप्लेन पावर सप्लाई जैसी कई मुख्य उपकरण स्वदेश में ही अपडेट कर दिए गए हैं ब्रह्मोस का नया अपडेट 290 किलोमीटर तक अपने टारगेट को रौंद सकता है. सोमवार को किए गए इस परीक्षण में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपने टारगेट पर जबरदस्त हमला किया. यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर जिले में हुआ था.

रक्षा सूत्रों के मुताबिक ब्रह्मोस स्वदेशी उपकरणों से लैस किया गया है. जिसका इस्तेमाल थल सेना द्वारा किया जाता है. इस मिसाइल को जमीन या समुद्र में स्थित प्लेटफार्म से निशाना बनाया जा सकता है. ब्रह्मोस को हिंदुस्तान की तरफ से डीआरडीओ और रूस की ओर से एनपीओएम ने अपडेट किया है. यह विश्व की एकमात्र क्रूज मिसाइल है, जो सुपरसोनिक स्पीड से दागी जा सकती है.

इंडियन आर्मी के तीनों अंग ब्रह्मोस मिसाइल के अलग-अलग संस्करण इस्तेमाल में लेते हैं. थल सेना वायु सेना और नौसेना की जरूरतों के मुताबिक ब्रह्मोस को अलग-अलग तरह से तैयार किया गया है. आपको जानकर खुशी होगी भारत के अलावा किसी भी देश के पास इससे अधिक तेज मारक करने वाली मिसाइल मौजूद नहीं है.




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