भयानक हादसा: नमक फैक्ट्री की दीवार गिरी, 12 मजदूरों की दबकर मौत!

गुजरात के मोरबी जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। जहां एक नमक कारखाने की दीवार अचानक काम कर रहे लोगों के ऊपर गिर गई। जिसमें 12 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं मलबे में करीब 30 से ज्याद मजदूर अभी और दबे होने की अशंका जताई जा रही है। इस हादसे में मरने वालों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। वहीं मृतकों के परिजनों में चीख-पुकार मची हुई है। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है। वहीं घटना की जानकारी लगते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है।

दरअसल, यह घटना आज दोपहर 12 के आसपास की बताई जा रही है। जहां हलवद GIDC स्थित सागर सॉल्ट नाम की एक फैक्ट्री दर्जनों मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक दिवार गिरने से कई मजदूर इसके नीचे दब गए। घटना के बाद हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जेसीबी की मदद से 12 शव के साथ कुछ घायलों को निकाला गया। घटना के बाद स्थानीय विधायक परसोत्तम सबरिया व कलेक्टर समेत कई उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि दीवार किस वजह से गिरी।

हादसे में मारे जाने वाले मजदूर
1. रमेशभाई नरसिम्हाभाई खिराना
2. श्यामभाई रमेशभाई कोली
3. रमेशभाई मेघाभाई कोली
4. दिलाभाई रमेशभाई कोली
5. दीपकभाई सोमानी
6. राजूभाई जेरामभाई
7. दिलीपभाई रमेशभाई
8. शीतबेन दिलीपभाई
9. राजीबेन भरवाड
10. देवीबेन भरवाड
11. काजलबेन जेशाभाई
12. दक्षाबेन रमेशभाई कोली

बता दें कि इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा-मोरबी में दीवार गिरने से हुई त्रासदी हृदय विदारक है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। उम्मीद करता हूं कि घायल लोग जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे स्थानीय अधिकारी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

हादसे पर गुजरात के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी गहरा दुख जाते हुए मृतकों के परिवार को आर्थिक मदद का ऐलान किया है। सीएम ने कहा कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं इस हादसे में घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद के साथ सरकार की तरफ से इलाल मुफ्त में कराया जाएगा।

कई बच्चों के मलबे में दबे होने की अशंका
हादसे के बारे में कुछ स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि घटना के वक्त कुछ मजदूरों के बच्चे भी उनके साथ मौके पर थे।ऐसा लग रहा कि वह भी इस हादसे के शिकार हो गए हैं। हालांकि इस बारे में ना तो कंपनी और ना ही पुलिस ने पुष्टि की है। दिवार गिरने से कुछ देर पहले ही कई मजदूर खाना खाने बाहर चले गए थे। नहीं तो वह भी इसके शिकार हो सकते थे। जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुए मजदूर राधनपुर तहसील के गांवों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जो इस फेक्ट्री में नमक की पैकिंग का काम करते हैं।

 

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