जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की टूटी हिम्मत, सेना कर रही अब इस विकल्प पर विचार




जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से आतंकियों के हौसले पस्त हैं। आतंकियों के पास अब हथियार कम पड़ गए हैं। नतीजा आतंकी अब सुरक्षा बलों के हथियार छिनने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तरी कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने 11 अक्टूबर को भद्रवाह में पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी।

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने अफगान आतंकवादियों की घाटी में घुसपैठ से इंकार करते हुए कहा कि पाकिस्तान हथियारों को भेजने के लिए अलग-अलग तरीकों की कोशिश कर रहा है। भारतीय सेना की जवाबी घुसपैठ ग्रिड बहुत मजबूत है। और, इस तरह के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह सक्षम और सतर्क है।

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास जवाबी घुसपैठ ग्रिड बहुत मजबूत है। इसलिए घुसपैठ देश की अन्य सीमाओं से हो रही है। आतंकियों ने लखनपुर से जम्मू-कश्मीर में घुसने की कोशिश की। सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बोलते हुए सेना के कमांडर ने कहा कि वह भी एक विकल्प है। वैसे किस विकल्प पर कब अमल करना है, यह भारतीय सेना पर निर्भर करेगा। हमारी सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि हमारी चेतावनी अभी भी जारी है। अगर कोई भी व्यक्ति, पाकिस्तानी सेना के समर्थन में नियंत्रण रेखा को पार करके इस तरफ घुसने की कोशिश करता है तो उसे जवाब दिया जाएगा। हमारी रणनीति इसके बारे में बहुत स्पष्ट है। हमने जवानों और अधिकारियों को इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए हैं।




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