49 शतक लगाने वाले खिलाड़ी को बनाया ‘बेवकूफ’, खेलने की इजाजत तो दी लेकिन बैन नहीं हटाया!




कराची. पाकिस्तान के ओपनर सलमान बट्ट ने साल 2010 में पाकिस्तान की पूरी दुनिया के सामने फजीहत करा दी थी. इंग्लैंड दौरे पर सलमान बट्ट ने मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग की जिसके बाद उनपर बैन लगाया गया. सलमान बट्ट की बात करें तो ये बैन 2 सितंबर 2015 को हट गया था लेकिन अब एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि इस खिलाड़ी पर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बैन हटाया ही नहीं है. पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज इजाज अहमद ने दावा किया है कि पीसीबी ने अब भी सलमान बट्ट पर अनाधिकारिक बैन लगाया हुआ है.

सलमान बट्ट पर बैन बरकरार

इजाज अहमद के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सलमान बट्ट को क्रिकेट खेलने की इजाजत तो 2015 में ही दे दी लेकिन उन्हें अब पाकिस्तान की टीम में कभी जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि बोर्ड ने उनपर अनाधिकारिक बैन लगाया हुआ है. मतलब अगर सलमान बट्ट घरेलू क्रिकेट में कितना भी अच्छा प्रदर्शन कर लें लेकिन वो पाकिस्तान टीम में कभी वापसी नहीं कर पाएंगे.

इजाज अहमद ने कहा, ‘सलमान बट्ट को पाकिस्तान की टीम में चुनने का फैसला सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड करेगा ये चीफ सेलेक्टर और कोच मिस्बाह उल हक के हाथ में नहीं है. ये खुद पीसीबी का ही फैसला है. जब हमें सलमान बट्ट के नाम पर विचार करने का निर्देश मिलेगा तो हम उनके बारे में जरूर सोचेंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जो भी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सलमान बट्ट शामिल हैं हमारी निगाह उनके ऊपर है. हालांकि सलमान बट्ट पर हमें आगे नहीं बढ़ने का निर्देश दिया गया है.’

सलमान बट्ट पिछले काफी समय से अच्छी फॉर्म में हैं

बता दें सलमान बट्ट ने जब से क्रिकेट दोबारा खेलना शुरू किया है वो जबर्दस्त फॉर्म में हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने कई बड़ी पारियां खेली जिसके बाद उनकी टीम में वापसी की चर्चाएं शुरू होने लगी. हालांकि अब इजाज के खुलासे ने साफ कर दिया है कि बट्ट का पाकिस्तान की टीम में आना लगभग नामुमकिन है.

बता दें सलमान बट्ट पाकिस्तान के लिए 33 टेस्ट, 78 वनडे और 24 टी20 मैच खेल चुके हैं. उनके नाम 11 इंटरनेशनल शतक और 24 अर्धशतक हैं. फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए करियर में वो कुल 49 शतक ठोक चुके हैं.




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*